पहले ही सीख लिया था हमने तनहाई में जीना
दिल को छू लेने वाली और भी शायरियों के लिए जुड़े रहिए ❤️
शहर ज़ालिमों का है साहब, जरा संभल कर चलना,
लेकिन मुझे सजा वहां मिली जहां, मैं वफादार था…!!!
मैं तुझे भी रुला दू तेरे सितम सुना सुना कर…!
तो हम दुआ करते हैं आपकी खुशी कभी कम ना हो…!
टूटा हूँ मैं यूँ कि अब जुड़ना मुश्किल है,
क्योंकि फूलो पर कभी इत्र नही लगाया जाता…!
ज़िंदगी के दरख़्त पर Sad Shayari in Hindi कुल्हाड़ी के वार हैं…!
हमारी ज़िंदगी से किसी ने एक चीज़ चुपके से छीन ली…
यहां लोग मोहब्बत के बहाने हसी छीन लेते हैं…!
बरसों तक वो रात चले, सदियों दूर सवेरा हो।
बोहत मुस्कील से करता हु तेरी यादों का कारोबार,
कभी–कभी अपने ही सवालों में इतना उलझ जाता हूँ,